एकता दिवस: भारत की अखंडता का प्रतीक 31 अक्टूबर – यह तारीख भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। हर साल इस दिन हम राष्ट्रीय एकता दिवस मनाते हैं, जो हमें देश की एकता, अखंडता और विविधता में एकता की याद दिलाता है। यह दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है, जिन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद भारत के 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत का निर्माण किया। आइए, इस ब्लॉग में जानें कि राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है, इसका इतिहास क्या है और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता क्या है। सरदार पटेल: भारत को एक करने वाले Architect सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे महात्मा गांधी के निकट सहयोगी थे और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहे। लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि भारत के एकीकरण की थी। 1947 में जब भारत आजाद हुआ, तब देश कई रियासतों में बंटा हुआ था। ब्रिटिश शासन के तहत ये रियासतें स्वतंत्र थीं और वे भारत या पाकिस्तान में विलय होने के लिए बाध्य नहीं थीं। कुछ रियासतें जैसे हैदराबाद, जूनागढ़...